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Thursday, 16 February 2017

Lesson - 5

गिरगिट


मौखिक

काठगोदाम के पास भीड़ क्यों इकट्ठी हो गई थी ?

काठगोदाम के पास एक कुत्ते ने किसे आदमी की ऊँगली काट खाई थी।  आदमी बहुत दर्द में था, वह चीखता - चिल्लाता कुत्ते के पीछे भाग रहा था. कुत्ते की पिछली टाँग पकड़ कर उसे मार रहा था।  कुत्ता दर के मारे किकिया रहा था।  इस तमाशे को देखने के लिए काठगोदाम के पास भीड़ इकट्ठी हो गई थी।

ऊँगली ठीक न होने की स्तिथि में ख्यूक्रिन का नकसान क्यों होता ?

ख्यूक्रिन एक कामकजी व्यक्ति था। उसका काम पेचीदा तरीके का था।  वह लकड़ी का काम निपटाने जा रहा था , जब अकारण ही कुत्ते ने उसकी ऊँगली काट ली।  अब उसे एक हफ्ते तक खाली रहना पड़ता, जिससे उसका काफी नुकसान होता। 

कुत्ता क्यों किकिया रहा था ?

ऊँगली कट जाने की वजह से ख़्यूक्रिन काफी गुस्से में था, उसने कुत्ते को एक टाँग से पकड़ कर खींचा, जिससे कुत्ता रेंग - रेंग कर चल रहा था, और वह अपने ऊपर आने वाली विपत्ति के बारे में सोच कर किकिया रहा था।

बाज़ार के चौराहे पर खामोशी क्यों थी ?

इंस्पेक्टर ओचमेलाव बाज़ार के गश्त (rounds ) लगा रहा था।  वह बहुत भ्रष्ट आदमी था , अपने अधिकार के डैम पर आम आदमी को अपने दबाव में रखता था , उसके आने की वजह से सभी दुकानदार और जनता के लोग खामोश थे। 

जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में क्या बताया ?

जनरल साहब के बावर्ची ने यह सुचना दी कि कुत्ता जनरल साहब का नही बल्कि उनके भाई झिजलाव का है। कुत्ता बोरजायस नस्ल का है जिसमे जनरल साहब को कोई दिलचस्पी नहीं। 

लिखित

ख़्यूक्रिन ने मुआवज़ा पाने की क्या दलील दी ?

ख़्यूक्रिन ने मुआवज़ा पाने की यह दलील दी कि वह एक ग़रीब , कामकाज़ी व्यक्ति है और कुत्ते के द्वारा काटे जाने के कारण उसे एक हफ्ते तक खाली रहना पडेगा जो उसके लिए काफी नुकसानदायक है.

ख़्यूक्रिन ने ओचमेलाव को ऊँगली ऊपर उठाने का क्या कारण बताया ?

ख़्यूक्रिन यह जताना चाहता था कि वह बेचारा अपने काम से बाजार जा रहा था, जब कुत्ते ने अकारण ही उसकी ऊँगली काट ली।  वह लोगों की हमदर्दी बटोरना चाहता था।

येलदरीनने ख़्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए क्या कहा ?

येलदरीन को जब यह पता चला कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है तो वह एकदम बदल गया और क्योंकरिन को दोषी ठहराते हुए यह कहा कि कुत्ता एक नाज़ुक प्राणी है, अवश्य ही ख़्यूक्रिन ने कुत्ते की नाक में सुलगती हुई सिगरेट घुसाई होगी जिस कारण कुत्ते ने उसे काट खाया होगा।  सारा दोष ख्यूक्रिन का है, कुत्ते का नहीं।

ओचुमेलॉव ने जनरल साहब के पास यह सन्देश क्यों भिजवाया होगा कि 'उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापस उनके पास भेजा है '?

ओचुमेलॉव एक चापलूस था, वह हर स्थिति का फायदा उठाना अच्छी तरह से जानता था।  उसने सोचा कि इस मौके का फायदा उठा कर मैं जनरल साहब का हितैषी बनकर यह कुत्ता सौंपूँगा तो उनकी नज़र मुझ पर पड़ेगी और भविष्य में मुझे लाभ होगा।  यह सोच उसने जनरल साहब को उपरोक्त सन्देश भिजवाया।

भीड़ ख्यक्रिन पर क्यों हँसने लगती है ?

पहले तो ओचुमेलॉव ख़्यूक्रिन का पक्ष लेकर कुत्ते के मालिक से उसे मुआवज़ा दिलाने की कोशिश करता है पर जब उसे यह पता लगता है कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है तो वह गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए कुत्ते का पक्ष लेता है।  कुछ गलतफहमियों की वजह से यह किस्सा बार - बार चलता है और अंत में वह कुत्ते का ही पक्ष लेता है।  उसे बदलते फ़ितरत और ख्यूक्रिन की दयनीय स्थिति को देखकर भीड़ उस पर हँसने लगती है। 

दीर्घउत्तरीय प्रश्न

किसी कील - विल से ऊँगली छील ली होगी - ऐसा ओचुमेलॉव ने क्यों कहा ?

ओचुमेलॉव एक गिरगिट किस्म इंसान था , यानि कि वह समयानुसार अपनी फ़ितरत बदलता था।  जहाँ उसने अपना फायदा देखा, वहीँ का वह हो जाता था।  पहले तो उसने ख़्यूक्रिन को मुआवज़ा देने की बात कही, पर जैसे ही उसे पता चला कि कुत्ता जनरल साहब के भाई झिगमेलाव का है, तो उसने तुरंत ख़्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए यह कहा कि कुत्ता एक नाज़ुक प्राणी है, ज़रूर ख़्यूक्रिन की हरकत की वजह से कुत्ते ने उसे काटा होगा।  उसने तो यह भी कह डाला कि ख़्यूक्रिन झूठ बोल रहा है , उसकी ऊँगली किसी छील - विल से कट गई होगी।

ओचुमेलाव के चरित्र की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।

क ओचुमेलॉव एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी था।

ख  अपने से बड़े अधिकारियों को खुश करने की ताक में रहता था, ताकि उसे पदोन्नति मिले।

ग़ आम साधारण जनता जमाकर तंग करता था।

घ अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।

यह जानने के बाद कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है - ओचुमेलॉव  के विचारों में क्या परिवर्तन आया और क्यों ?

ओचुमेलाव एकदम से बदल गया , उसने अपनी ही बात उलट डाली।  पहले तो उसने कुत्ते को आवारा , भद्दा और मरियल कहा और मुआवज़े की बात की।  बाद में उसने कुत्ते को नाज़ुक और सुन्दर पिल्ला कहा।  उसने ख़्यूक्रिन को दोषी ठहराया और धमकी देकर भगा दिया। वह अपने से बड़े अधिकारियों को नाराज़ नहीं करना चाहता था।  वह उन्हें खुश कर के पदोन्नति चाहता था।

ख़्यूक्रिन का यह कथन कि , 'मेरा एक भाई भी पुलिस में है' . समाज की किस वास्तविकता की और संकेत करता है ?

ख़्यूक्रिन का यह कथन इस बात को दर्शाता है कि  उस वक़्त समाज में भ्रष्टाचार फैला हुआ था , लोग अपने ही रिश्तेदारों को नौकरी पर लगाते थे , किसी के योग्यता पर नहीं।  इससे यह भी पता चलता है कि  उस वक्त पुलिस लोगों को भयभीत करके रखती थी।


इस कहानी का शीर्षक 'गिरगिट' क्यों रखा होगा ? क्या आप इस कहानी के लिए कोई अन्य शीर्षक सुझा सकते हैं ? अपने शीर्षक का आधार भी स्पष्ट कीजिए।


गिरगिट एक ऐसा प्राणी है जो वातावरण के अनुरूप अपना रंग बदलता है।  वह ऐसा अपने शिकारियों से बचने के लिए करता है।  किसी मनुष्य को हम गिरगिट तब बुलाते हैं जब वह अपने ज़बान से यानि कि किए हुए वादे से पीछे हट जाए।  मनुष्य अपना अहम् बनाए रखने, अपने स्वार्थ के लिए और अपना काम निकलवाने के लिए गिरगिट बनता है।  इस कहानी शीर्षक ओचुमेलॉव के पात्र पर ही आधारित है।  इस कहानी का एक और शीर्षक 'चापलूस' भी हो सकता है।

'गिरगिट' कहानी के माध्यम से समाज की किन विसंगतियों पर व्यंग्य किया गया है ? क्या आप ऐसी विसंगतियाँ अपने समाज में भी देख सकते हैं ? स्पष्ट कीजिए।

लेखक गिरगिट कहानी के माध्यम से समाज में फैली भ्रष्टाचार नामक कुरीति के बारे में बताना चाहते हैं, इसे समझाने के लिए उन्होंने व्यंग्य का प्रयोग किया है।  जी हैं , आजकल भी समाज में ऐसी विसंगतियाँ देखने को मिलतीं हैं।  लोग अपना स्वार्थ चलाने के के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं और अपना उल्लू सीधा होने पर अपने वचन से पीछे हटते हुए नहीं हिचकिचाते।  न्याय , एवं धर्म का इस युग में कोई अर्थ नहीं। 

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए :

उसकी आँसुओं से सनी आँखों में संकट और आतंक की गहरी छाप थी।

काठगोदाम के पास ख़्यूक्रिन को काटने बाद कुत्ते को ख़्यूक्रिन से मार खानी पड़ी. पिछली एक टाँग ऊपर होने के कारण उसे बहुत दर्द हो रहा था।  उसकी आँखों मार का दर्द और मर जाने का दर साफ झलक रहा था। 

कानून सम्मत तो यही है। ....... कि  अब सब लोग बराबर हैं।

ऐसा कहकर ख़्यूक्रिन यह बताना चाहता है कि कानूनी रूप से या कानून की नज़र में सब एक सामान हैं।  कोई अपने धन - दौलत के बल पर या पद के बल पर कानून को खरीद नहीं सकता।  जो अपराधी है उसे दंड अवश्य मिलेगा और जिसे पर अन्याय हुआ है उसे न्याय।  इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ख़्यूक्रिन एक मज़दूर है और कुत्ता जनरल साहब के भाई का।

हुज़ूर! यह तो जनशांति भांग हो जाने जैसा कुछ दिख रहा है।

यह येल्दीरीन का कथन है।  जब वह ओचुमेलॉव के साथ बाजार के गश्त लगा रहा था तो उसे काठगोदाम के पास भीड़ दिखाई पड़ी।  उसे परिस्थिति के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी , तो उसे लगा कि  जनता ने भ्रष्ट सत्ताधिकारी और निर्दयी पुलिस के ख़िलाफ़ विद्रोह कर दिया है।

समाप्त ! :)

पाठ से कुछ मुहावरे - proverbs from the lesson

त्योरियाँ चढ़ना - raised brows. When does that happen?! Exactly? Anger! So, simply put, it means to get angry over something or on someone.

विद्यार्थियों के शोरगुल पर प्रधानाचार्या जी ने त्योरियाँ चढ़ाई।

मत्थे मढ़ना - to dump - this means to shift one's blame on someone.

चतुर राजनीतिज्ञ ने गिरे हुए पुल का दोष रेत के व्यापारियों के मत्थे मढ़ दिया।

छुट्टी करना - to finish off - simply put, fire or scold.

अल्पाहार का समय समाप्त हुआ , जल्दी करो , वरना शिक्षिका जी हमारी छुट्टी कर देंगीं।

गाँठ बाँध लेना - remember - warning sort of thing.

it always starts in a filmy way (:P) मेरी बात गाँठ बाँध लो! अगर समय रहते तुमने अपनी आदत न बदली तो बाद में बहुत पछताओगे।

मज़ा चखाना - make someone pay (Yep! Revenge!) I'll make you pay for what you did! (HA HA!) मैं यह कभी नहीं भुलूँगा , तुम्हे ज़रूर मज़ा चखाऊंगा !
Surprisingly, many Bollywood movies use a generous dose of this "मज़ा चखाऊँगा " menu generously.

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